इस इक्विटी निवेश का उद्देश्य सब्सिडियरी के कैपिटल बेस को मजबूत करना और कैपिटल एडेक़्वेसी रेशियो में सुधार लाना है. कंपनी ने कहा कि इस इश्यू से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल बिजनेस विस्तार, सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और मौजूदा लोन चुकाने के लिए किया जाएगा.
Muthoot Money क्या करती है
Muthoot Money नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में काम करती है और पूरी तरह से Muthoot Finance की सब्सिडियरी बनी हुई है. चूंकि Muthoot Finance पहले ही ओनरशिप रखती है, इसलिए अतिरिक्त इक्विटी निवेश से शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं आता. ट्रांजैक्शन का भुगतान कैश में किया गया और प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.
Muthoot Finance ने पहली तिमाही में 89.6 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी के साथ 2046 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जो किसी भी तिमाही के लिए अब तक का सबसे अधिक है. पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही में Muthoot Finance का नेट प्रॉफिट 1079 करोड़ रुपये था. कंपनी का शेयर गुरुवार को 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 2,649.00 रुपये पर बंद हुआ.
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Source: CNBC